➤ करसोग पंचायत समिति में बहुमत भाजपा के पास होने के बावजूद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद कांग्रेस ने जीते
➤ अध्यक्ष इशरा मेहता और उपाध्यक्ष कली चौहान ने एक-एक वोट से दर्ज की जीत
➤ परिणाम के बाद क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं तेज
करसोग (मंडी): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की पंचायत समिति करसोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव ने स्थानीय राजनीति में नया संदेश दिया है। स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद भाजपा समर्थित खेमा दोनों शीर्ष पदों पर जीत दर्ज नहीं कर सका, जबकि कांग्रेस ने संख्या बल कम होने के बावजूद दोनों पद अपने नाम कर लिए।
चुनाव में कांग्रेस समर्थित इशरा मेहता अध्यक्ष और कली चौहान उपाध्यक्ष चुनी गईं। दोनों उम्मीदवारों ने एक-एक वोट के बेहद करीबी अंतर से जीत हासिल की। परिणाम सामने आते ही क्षेत्र में क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
करसोग पंचायत समिति के 15 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित 10 सदस्य, कांग्रेस समर्थित 4 सदस्य और 1 निर्दलीय सदस्य निर्वाचित हुआ था। संख्या बल के आधार पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन मतदान के दौरान बदले राजनीतिक समीकरणों ने पूरा परिणाम बदल दिया।
चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने इसे अपनी रणनीतिक सफलता और बेहतर राजनीतिक प्रबंधन का परिणाम बताया। वहीं भाजपा ने अप्रत्याशित हार के कारणों को लेकर मंथन शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार मतदान से पहले दोनों दलों ने अपने-अपने समर्थित सदस्यों को एकजुट रखने के लिए लगातार प्रयास किए। हालांकि अंतिम समय में बने समीकरणों के चलते भाजपा दोनों पद गंवा बैठी। दूसरी ओर कांग्रेस ने सीमित संख्या बल के बावजूद प्रभावी रणनीति के सहारे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कब्जा जमा लिया।



